किन्नर ने जलती चिता से मांस काटकर खाया! क्या 'अघोरी' मानव मांस खाते हैं? जानिए हकीकत
उज्जैन, सितम्बर 2 -- उज्जैन में जलती चिता से मानव मांस काटकर खाने की घटना ने इंटरनेट पर कोहराम मचा दिया है। वीडियो वायरल होने के बाद हुई शिकायत पर पुलिस ने काली नंद गिरि नाम के किन्नर को गिरफ्तार कर लिया है। अब अघोरी परंपरा और साधना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आखिर अघोर परंपरा क्या है? आखिर अघोरी श्मशान में क्या करते हैं? क्या अघोरी मानव मांस खाते हैं? मानव मांस खाना परंपरा है, साधना या फिर नरपिशाची प्रवृत्ति? इसी घटना के बहाने समझते हैं अघोर परंपरा का इतिहास, श्मशान साधना की वजह और मानव मांस खाने को लेकर किए जाने वाले दावों की हकीकत।अघोर परंपरा क्या है? जानिए इसकी हकीकत 'अघोर' शब्द का मतलब है, जो डरावना न हो। यह परंपरा हिंदू धर्म की शैव धारा की एक शाखा मानी जाती है। इसके मुताबिक, शिव पहले अघोरी थे। इतिहास में इसकी जड़ें कापालिक जैसे प्रच...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.