मधुबनी, जून 14 -- झंझारपुर। एक तरफ नदियों की धारा को निर्वाध बनाने के लिए सरकार योजनाएं चला रही है। स्वंय सेवी संस्थाएं आए दिन जागरूकता अभियान के जरिए नदी किनारे साफ-सफाई करती रहती है। दूसरी ओर झंझारपुर नगर परिषद की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। यह भी पढ़ें- किनारे कचरे के अंबार से कमला बलान का फूल रहा दमनगर परिषद की समस्याएं नगर परिषद क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं होने के कारण आज लाखों लोगों का जीना मुहाल हो गया है। शहर के सभी 27 वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाला लगभग 8 से 10 टन कचरा आज रिहायशी इलाकों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार उचित निस्तारण केंद्र चालू नहीं होने के कारण नगर परिषद प्रशासन द्वारा हर दिन ट्रैक्टरों से कचरा लाकर शहर से महज आधा किलोमीटर दूर कमला बलान नदी के पूर्वी तटबंध पर खुले मे...