किताब पढ़ने की संस्कृति में फिर लौटना चाहिए : डॉ सिन्हा
धनबाद, सितम्बर 25 -- ओम दिनकर सेवा ट्रस्ट की ओर से आईआईटी आईएसएम के पेनमैन हॉल में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 118वीं जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रोफेसर डॉ राकेश सिन्हा ने समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संघर्ष में दिनकर के विद्रोही व क्रांतिकारी कविताओं की भूमिका अहम थी। 1942 की क्रांति सहित स्वाधीनता आंदोलन की प्रायः सभी प्रमुख घटनाओं को राष्ट्रकवि के ओजपूर्ण काव्य ने गहराई तक प्रभावित किया। डॉ सिन्हा ने पुस्तकों के अध्ययन-अनुशीलन की आवश्यकता पर जोर देते हुए पुस्तकालयों के प्रति पाठकों की उदासीनता पर चिंता जताई। उन्होंने किताब पढ़ने की संस्कृति की ओर फिर से लौटने का आह्वान किया। यह भी पढ़ें- Katihar News: प्राचार्य को दिनकर राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर परिषद न...
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