पटना, दिसम्बर 10 -- पुस्तक मेला परिसर न केवल विविध किताबों और ग्रंथों का साक्षी है, बल्कि विभिन्न सत्रों के माध्यम से यह कला प्रदर्शन और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाने का मंच भी है। इसी क्रम में बुधवार को 'जाति क्यों नहीं जाती' विषय पर बात करते हुए लेखिका डॉ. शांति यादव ने कहा कि जाति व्यवस्था मानव निर्मित है। ज्योतिबाई फुले ने इस जाति प्रथा का विरोध किया। बीआर आंबेडकर ने भी इस पर काम किया, लेकिन यह आज भी खत्म नहीं हुआ। लेखक अरुण नारायण ने कहा जाति प्रथा को खत्म करने के लिए समाज के लोगों को एकजुट होना होगा। सिनेमा उनेमा कार्यक्रम के अंतर्गत भोजपुरी गानों के इतिहास पर चर्चा की गई। इसमें फिल्म इतिहासकार प्रो. नरेंद्र नाथ पांडे ने कहा कि चित्रगुप्त बिहार की मिट्टी से जुड़े समर्पित संगीतकार थे, जिन्होंने लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ...
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