उरई, जून 29 -- उरई, संवाददाता। रोटी कमाएं या सरकारी परिषदीय स्कूलों में जाकर पढ़ाई करें। कुछ ऐसा ही हाल जिले में जगह-जगह होटल, छोटे-छोटे ठेले पर काम कर रहे छोटे बच्चों के साथ कबाड़ बीन रहे इन नौनिहालों का दूर-दूर तक पढ़ाई से वास्ता नहीं है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग का सर्व शिक्षा अभियान सिर्फ कागजों में ही औपचारिकता पूरी कर रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप सरकारी परिषदीय स्कूलों में बच्चों के नामांकन में जबरदस्त तरीके से हर साल गिरावट हो रही है। जिससे स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने को शिक्षा विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है। एक अप्रैल से नए शिक्षण सत्र के शुरू हो गया था। ग्रीष्म कालीन अवकाश के बाद 16 जून को पहली बार बच्चों के लिए एक दिन के लिए सरकारी परिषदीय स्कूलों को खोला गया था। वही अब 26 जून से फिर से स्कूलों में चहल पहल शुरू हो गई है।...