भागलपुर, मार्च 29 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। किताबों की महंगी कीमतों ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। हर शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में अभिभावकों को बच्चों की किताबों पर भारी खर्च करना पड़ रहा है। शहर के विभिन्न निजी स्कूलों में नामांकित प्रत्येक कक्षा के लिए औसतन सात से आठ हजार रुपए तक की किताबें खरीदनी पड़ रही हैं, जो मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट पर सीधा असर डालती हैं। अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल हर साल किताबों में मामूली बदलाव कर देते हैं। कई बार सिर्फ एक या दो अध्याय में संशोधन किया जाता है, लेकिन पूरी किताब बदल दी जाती है। ऐसे में सीनियर कक्षा के छात्रों की पुरानी किताबें बेकार हो जाती हैं और अभिभावकों को मजबूरी में नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं। इस स्थिति से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है।...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.