नई दिल्ली, दिसम्बर 29 -- हिंदू धर्म में कलावा का खास महत्व होता है। इसे किसी शुभ और मंगल कार्य में पूजा पाठ के बाद हाथ में बांधा जाता है। इसे मौली या रक्षा सूत्र के ना जाता है। मान्यता है कि कलावा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और बुरी ताकतों से रक्षा करता है। लेकिन कुछ लोग इसे कई दिनों तक बांधे रहते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि कलावा को कितने दिनों के बाद बदलना चाहिए। चलिए इसके पहनने के नियम क्या है? धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक कलावा को लेकर कहा जाता है कि भगवान विष्णु के वामन अवतार ने असुरों के राजा बलि की कलाई पर कलावा बांधा था। वहीं पूजा-पाठ, हवन आदि के बाद पंडितजी त्रिदेवों और ईष्ट देव का आह्वान करते हुए प्रतिष्ठित कलावा कलाई पर बांधते है। कलावा बांधने के नियम- कलावा बंधवाते समय मुट्ठी बंद रखनी चाहिए और सिर ढंकना चाहिए।- कलावा को कल...
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