किडनी प्रत्यारोपण के लिए भारत में क्यों है लंबा इंतजार?
दिल्ली, जून 2 -- भारत का हर 10 में से एक आदमी किडनी की किसी ना किसी बीमारी से जूझ रहा है.हर साल दो लाख नए मरीज रीनल डिजीज की चपेट में आते हैं.इनमें से महज 10 हजार लोगों को ही ट्रांसप्लांट के लिए किडनी मिल पाती है.30 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में पुलिस ने एक किडनी रैकेट का भंडाफोड़ किया.इसकी जांच में पता चला कि यह नेटवर्क सिर्फ कानपुर तक ही सीमित नहीं था बल्कि नोएडा, लखनऊ, मेरठ और दिल्ली से लेकर देहरादून तक इसकी जड़ें फैली हुईं थी.देश भर के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को बरगलाकर, उनसे किडनी लेकर अवैध तरीके से जरूरतमंद लोगों को बेची जा रही थी.भारत में 13.8 करोड़ मरीजक्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) से दुनिया भर में 78.8 करोड़ लोग जूझ रहे हैं.भारत में यह संख्या 13.8 करोड़ है, जो चीन के बाद दुनिया में किसी देश की दूसरी सबसे बड़ी संख्य...
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