कानपुर, अप्रैल 1 -- किडनी के काले धंधे का भंडाफोड़ होने के बाद जिन सफेद कोटों से सच सामने आने की उम्मीद थी, वही अब खामोशी ओढ़े बैठे हैं। अवैध ट्रांसप्लांट की जांच के बीच शहर के डॉक्टरों ने पूरी तरह चुप्पी साध ली है। इसी बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने एडवाइजरी जारी कर चिकित्सकों को सख्त हिदायत दी है कि कोई भी इस मामले में मीडिया से नहीं बात करेगा। सिर्फ अध्यक्ष और सचिव ही जरूरत पर पक्ष रखेंगे। अवैध किडनी ट्रांसप्लांट और सौदेबाजी में आईएमए की उपाध्यक्ष व कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन की सचिव डॉ. प्रीति आहूजा व उनके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा को जेल भेज दिया गया है। हैरान करने वाले इस कांड में सीनियर डॉक्टरों की संलिप्तता से देशभर में चर्चा है। वहीं शहर के डॉक्टरों ने इस मामले से खुद को दूर रखा है। कोई भी कुछ कहने से बच रहा है। कई तो ऐसे है...