कीव, अप्रैल 1 -- आधुनिक युद्ध अब सिर्फ टैंकों, लड़ाकू विमानों और अरबों डॉलर की मिसाइलों से नहीं लड़े जा रहे हैं। आज की जंग का एक बड़ा हिस्सा 500 डॉलर यानी करीब 40-45 हजार रुपये के उन छोटे ड्रोन्स के जरिए लड़ा जा रहा है, जिन्हें कोई बड़ी हथियार कंपनी नहीं बल्कि आम लोग अपने घरों में बना रहे हैं। हाल ही में, यूक्रेन में एक बड़ा विवाद तब खड़ा हो गया जब यूरोप की सबसे बड़ी हथियार निर्माता कंपनियों में से एक जर्मनी की 'राइनमेटल' के सीईओ ने यूक्रेन के इस 'ड्रोन इनोवेशन' का मजाक उड़ाया। उन्होंने इसे 'गृहिणियों द्वारा रसोई में तैयार की गई बुनियादी तकनीक' कहकर खारिज कर दिया। इस बयान ने यूक्रेन के लोगों को बुरी तरह आहत किया और गुस्सा दिला दिया। आइए समझते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्या है और कैसे सचमुच यूक्रेनी गृहिणियां और आम नागरिक यूरोप की रक्षा की...
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