चमोली, दिसम्बर 20 -- पशुपालन के क्षेत्र में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने व महिलाओं की जंगलों पर निर्भरता समाप्त करने के उद्देश्य से लागू की गई मुख्यमंत्री घस्यारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में जंगली जानवरों के खौफ से लोग जंगल जाने से कतरा रहे हैं। नौबत ऐसी आ गई है कि काश्तकारों के सामने पशुओं को का घोर संकट पैदा हो गया है। प्रगतिशील किसान विजया गुसाईं, कंचन कनवासी, जशदेई कनवासी, बमोथ के पूर्व प्रधान प्रकाश रावत, क्वींठी के कमल रावत आदि पशुपालकों का कहना है कि घस्यारी योजना के तहत हरी घास व भूसा न मिलने से उनके सामने पशुओं के भरण पोषण का भी संकट पैदा हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकता की क्षमता बढ़ाकर लोगों को श्वेत क्रांति के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने व महिलाओं की जंगलों पर निर्भरता समाप्त करने के लिए पिछले ...
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