नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- काशी हिंदू धर्म की आध्यात्मिक राजधानी मानी जाती है। बाबा विश्वनाथ की इस नगरी में गंगा स्नान की परंपरा सदियों से चली आ रही है। लेकिन श्रद्धालु गंगाजल को घर ले जाने से बचते हैं। इसके पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक कारण है। शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, काशी मुक्ति का क्षेत्र है। यहां आने वाला हर जीव, चाहे वह मनुष्य हो या कोई सूक्ष्म जीव, मोक्ष प्राप्त कर लेता है। ऐसे में गंगाजल को काशी से बाहर ले जाना कुछ पाप का कार्य माना जाता है।काशी मुक्ति का क्षेत्र क्यों है? काशी को अविमुक्त क्षेत्र कहा जाता है, अर्थात् यहां कभी मुक्ति नहीं छूटती है। भगवान शिव स्वयं यहां निवास करते हैं और मृत्यु के समय तारक मंत्र का उच्चारण कर जीव को मोक्ष प्रदान करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, काशी में मरने वाला प्राणी सीधे शिवल...