वाराणसी, अप्रैल 4 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बरेका मैदान में शुक्रवार शाम सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन देखने बड़ी संख्या में काशीवासी जुटे हैं। सात बज रहे हैं। तीन मंच सजे हुए हैं। मुख्य मंच पर 27 फीट ऊंचा सिंहासन आकर्षित कर रहा है। एक मंच पर महाकाल मंदिर की प्रतिकृति है और बाबा महाकाल विराजमान हैं। सिंहासन के पीछे सूर्य की प्रतिकृति घूम रही है, जो इसे और खास बना रही है। इसी बीच महाकाल का जयघोष होता है। दाईं ओर बने मंच पर मध्य प्रदेश का लोकनृत्य गुमदुम बाजा की प्रस्तुति शुरू होती है। कुछ देर बाद इसी मंच पर मालवा क्षेत्र का प्रसिद्ध मटकी नृत्य लोगों को मंत्रमुग्ध करता है। फिर मंच के दोनों ओर खड़े उज्जैन से आए भस्म रमैया भक्त मंडल के कलाकारों ने शंखध्वनि की। झांझ, डमरू की निनाद से पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। अचान...
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