काशी में भक्ति पूर्वक निवास करने से मिलती है मुक्ति: अखिलानंद
चंदौली, अगस्त 7 -- पड़ाव, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बहादुरपुर स्थित कामाख्या निवास परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण के पंचम दिवस पर कथा वाचक अखिलानंद ने काशी की महिमा का बखान किया। इस दौरान कथा प्रेमी भाव विभोर दिखे। कथा वाचक ने कहा काशी तीनों लोकों से न्यारी है। भूत भावन भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसी शिव नगरी प्रलय काल में भी नष्ट नहीं होती। शिव महापुराण का उल्लेख करते हुए कहा 'शिवक्षेत्रे तथा वासं नित्यं कुर्याच्च भक्तित:' अर्थात जो भक्ति पूर्वक काशी में निवास करता है उसे भक्ति और मुक्ति दोनों प्राप्त होती हैं। उन्होंने बताया कि काशी में मृत व्यक्ति का दाह संस्कार, दशाह, मासिक, सपिण्डिकरण, वार्षिक पिण्ड दान और श्राद्ध करने से पितर तत्काल सभी पापों से मुक्त होकर शिवपद को प्राप्त करते हैं। यह भी पढ़ें- शिव की शरण में हर संक...
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