वाराणसी, मार्च 1 -- Holika Dahan Kab hai: काशी के सभी पंचांगों में होलिका दहन का दिन दो मार्च और रंग खेलने का दिन चार मार्च निर्दिष्ट किया गया है। यह स्थिति तीन मार्च को चंद्रग्रहण के कारण बन रही है।भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित भृगुसंहिता विशेषज्ञ पं.वेदमूर्ति शास्त्री ने बताया कि भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित है। वहीं पुच्छ की भद्रा में होलिका दहन की छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि विश्व पंचांग के अनुसार दो मार्च की शाम 05:21 बजे भद्रा आरंभ होगा। वहीं हृषिकेश पंचांग के अनुसार भद्रा दो मार्च की शाम 05:18 मिनट पर आरंभ होगा। इन दोनों पंचांगों में भद्रा समाप्ति का समय क्रमश: तीन मार्च की भोर में 04:58 और 04:56 बजे बताया गया है। इस आधार पर पुच्छ की भद्रा दो मार्च की रात्रि 12:50 से रात्रि 01:00 बजे के मध्य आरंभ हो जाएगी। जो लोग पुच्छ की ...
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