काशी के घाट सिविल इंजीनियरिंग का नायाब नमूना
वाराणसी, जुलाई 4 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। बनारस के विश्वप्रसिद्ध घाट केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आस्था के केंद्र नहीं हैं। ये सिविल इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना हैं। गंगा के जल को शहर में प्रवेश से रोकने के लिए ये घाट सुरक्षा दीवार की तरह काम करते हैं। ये बातें लखनऊ के इंटैक कंजर्वेशन इंस्टीट्यूट के निदेशक धर्मेंद्र मिश्रा ने कहीं। वह शुक्रवार को यहां इंटैक की ओर से आयोजित विरासत दर्शन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता थे। नदेसर स्थित अर्बन फूड कोर्ट में हुए आयोजन का विषय 'बनारस के कम चर्चित विरासत स्थल' रहा। धर्मेंद्र मिश्रा ने कहा कि काशी के घाट सदियों से पूरे शहर को बाढ़ और कटीले बहाव से बचाते आ रहे हैं। बनारस के मकानों और गलियों का पूरा आर्किटेक्चर और ढाल इसी वैज्ञानिक सोच के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि पानी का प्रबंधन प्राकृतिक रूप स...
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