वाराणसी, मार्च 8 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। एक अद्भुत पौधा (सब्जी), जिसमें फली, फूल, हरी पत्तियां और कंदीय जड़ सभी भोजन के रूप में उपयोग की जाती हैं। वाराणसी के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) के वैज्ञानिकों ने तकरीबन आठ वर्षों के व्यापक अनुसंधान के बाद पंखिया सेम (विंग्ड बीन) की इस नई किस्म को विकसित किया है। इसे 'काशी अन्नपूर्णा' नाम दिया गया है। इसकी फली की सब्जी और चोखा तथा हरी पत्तियों का साग बनाया जाता है, जबकि फूलों का सलाद और कंद को शकरकंद की तरह उबालकर खाया जा सकता है। आवश्यक पोषक तत्वों और फाइबर से भरपूर इस सब्जी की खेती में न्यूनतम लागत आती है तथा कम देखभाल की जरूरत पड़ती है। इसकी पत्तियों को पीसकर पराठा भी बना सकते हैं।ध्यान देने वाली बात यह है कि सामान्य सेम की सिर्फ फली खाने के योग्य होती है, लेक...
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