रुद्रपुर, फरवरी 14 -- काशीपुर। गन्ना विकास विभाग ने जनपद में ग्रीष्मकालीन धान पर प्रतिबंध के बाद किसानों को लाभकारी विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को गन्ने की आधुनिक खेती, उन्नत प्रजातियों, सहफसली प्रणाली और सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रही हैं। अभियान का मुख्य संदेश "धान के स्थान पर गन्ने की फसल उगाना है, मृदा सुधार कर भावी पीढ़ी को बचाना है। शनिवार को सहायक गन्ना आयुक्त शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि गन्ना एक प्रमुख नकदी फसल है, जो कृषकों की आय का स्थायी स्रोत बन सकती है। अन्य फसलों की तुलना में गन्ना द्विवार्षिक होने के कारण इसकी लागत अपेक्षाकृत कम आती है, जबकि उत्पादन और लाभ अधिक प्राप्त होता है। साथ ही दैवीय आपदाओं से नुकसान की आशंका भी कम रहती है। उन्होंने किस...
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