वाराणसी, अप्रैल 1 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। सुबह-ए- बनारस आनंद कानन के काव्यार्चन प्रकल्प के 54वें सत्र में काव्य गंगा प्रवाहित हुई। मंगलवार को अस्सी घाट पर आयोजन की अध्यक्षता भारत की पहली एसिड अटैक सरवाइवर पद्मश्री डॉ मंगला कपूर ने की। इस सत्र में नगर के वरिष्ठ एवं नवोदित रचनाकारों ने अपनी साहित्यिक जिजिविषा का जबरदस्त परिचय दिया। अध्यक्षीय काव्य पाठ करते हुए डॉ. मंगला कपूर ने सुनाया 'दोस्त बन बन के दगा करते हैं,एक हम हैं जो वफ़ा करते हैं, पर वफा का सिला ज़फ़ा क्यूं है, आदमी आदमी से ख़फ़ा क्यूं है।' उनकी दूसरी रचना में भी मनुष्यता को लेकर चिंता जाहिर हुई। उन्होंने सुनाया 'मौसमों की तरह इंसा को बदलते देखा है, क्या बताएं कि हमने क्या क्या देखा है।' जग्दीश्वरी चौबे के संचालन में रचनाकारों ने काव्य पाठ किया। प्रो. वत्सला श्रीवास्तव ने माहिया...