वाराणसी, फरवरी 17 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की घाट संध्या के अंतर्गत होने वाले 'काव्यार्चन' का 17 फरवरी को ऐतिहासिक सत्र होगा। काव्यार्चन के 51वें सत्र में 75 रचनाकार शामिल होंगे। सभी सत्र का संचालन करेंगे और एक-दूसरे को सम्मानित भी करेंगे। काव्यार्चन के इस सत्र की शुरुआत असि घाट पर दिन में 2 बजे से होगी। संस्था के संस्थापक सचिव डॉ.रत्नेश वर्मा ने बताया कि हिंदी साहित्य के इतिहास में अब तक ऐसा आयोजन नहीं हुआ है जिसमें भाग लेने वाले सभी रचनाकार काव्यपाठ, संचालन और सम्मान करने तथा सम्मानित होने के चतुर्मुखी अनुभव से रूबरू होंगे। उन्होंने बताया कि काव्यार्चन की भूमिका बनाने से 51वें पड़ाव तक पहुंचाने में विशिष्ट योगदान करने वाले नगर के 30 साहित्यकारों का अभिनंदन किया जाएगा। काव्यार्चन की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को ...
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