उन्नाव, दिसम्बर 29 -- उन्नाव। शब्दगंगा व सृजन संस्था के संयुक्त तत्वाधान में शहर के एक होटल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसदौरान कवि सम्मेलन में कविताओं की उजली लहरों से सरोबार होकर 'काव्यगंगा' के रूप में संवेदनाओं का अद्भुत प्रवाह देखा। राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय दीक्षित 'आशु' ने कहा कि उन्नाव की मिट्टी कविताओं की उपजाऊ भूमि है जहां हर शब्द संवेदना बनकर अंकुरित होता है। काव्य संध्या का शुभारंभ सारिका तिवारी की वाणी वंदना से हुआ। संचालन कवि विश्वनाथ तिवारी 'विश्व' ने किया तथा अध्यक्षता ओज के राष्ट्रीय हस्ताक्षर रतन तिवारी ने संभाली। मंच पर कवियों की रचनाओं ने उपस्थित जनों को देर तक बांधे रखा। डॉ. गणेश नारायण शुक्ल के गीत "कहा खड़े हो जमीन देखो..." में जीवन-जागरण की आहट थी, वहीं विनय तिवारी 'विनीत' की पंक्तियां कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा बन...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.