मुरादाबाद, जून 22 -- ब्रह्मलीन महंत कृष्ण गिरि महाराज की पुण्य तिथि पर काली माता मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा व्यास नित्यानंद आचार्य ने रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मित्रता तो हमेशा ऐसी ही होनी चाहिए जैसी सुदामा और श्री कृष्ण की थी। सुदामा भगवान कृष्ण के बचपन के मित्र एवं सहभागी रहे। मगर सुदामा अति गरीब थे। मगर जब सुदामा कृष्ण से मिलने आए तो वह सुदामा को देख भाव विभोर हो गए। उन्हें दो भाग का राज्य भी दे दिया। अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत नारायण गिरि एवं व्यवस्थापक महंत हितेश्वर गिरि अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा और महाकाल गिरि सहित विहिप के प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख एवं सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट के निदेशक प्रणित गुप्ता का सहयोग रहा। व्यवस्था में महंत माधवानंद गिरि, महंत गिरिशानंद गि...