गया, जून 1 -- हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की प्रतीक मानी जाने वाली शेरघाटी की एक प्राचीन दरगाह पर रविवार की देर रात सालाना उर्स का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर मजार पर चादरपोशी की गई तथा फातिहाखानी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मजार कमेटी के अध्यक्ष और व्यवसायी मो. ममनून ने बताया कि बकरीद महीने की 14 तारीख को बुजुर्ग की दरगाह पर उर्स आयोजित करने की परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि गोला बाजार रोड स्थित काली मंदिर के समीप बनी इस दरगाह पर सभी धर्म, जाति और वर्ग के लोग श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं और अपनी आस्था प्रकट करते हैं।स्थानीय कारोबारी मो.इमामन ने बताया कि हर वर्ष उर्स के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग दरगाह पर पहुंचते हैं और फातिहाखानी में शामिल होकर अमन-चैन औ...