फतेहपुर, अप्रैल 8 -- फतेहपुर। बेमौसम बारिश और आंधी ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिरने और जलभराव से बालियां काली पड़ने लगी हैं, जिससे दाने खराब होने और बाजार में दाम गिरने का डर है। कृषि विभाग ने करीब 20 फीसदी नुकसान का अनुमान जताया है। इस आपदा ने न केवल खेती बल्कि आम की बागवानी और ईंट भट्ठा उद्योग को भी भारी चपत लगाई है, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। 10 अप्रैल तक मौसम के ऐसे ही बने रहने की आशंका ने सबकी नींद उड़ा दी है। मंगलवार शाम छह बजे के बाद मौसम ने फिर से करवट बदली और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे खेतों में कटे पड़े गेहूं फिर से भीग गए। रात में भी कई राउंड बारिश हुई जो बुधवार की सुबह 11 बजे तक जारी रही। जिन गेहूं का बुधवार को उठान होना था, वह भीग कर खेतों में लेटी नजर आई। उनको अब धूप में सुखाना पड़ेगा। बारि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.