हाथरस, जून 7 -- हाथरस। श्री कृष्ण गौशाला सेवा समिति के तत्वावधान में श्री कृष्ण गौशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पाचवें दिन व्यास डॉक्टर गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी मनु महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान का अवतार केवल दुष्टों के विनाश के लिए ही नहीं, बल्कि भक्तों को आनंद और भक्ति का मार्ग दिखाने के लिए भी होता है।कथा व्यास ने श्रीकृष्ण के पूतना वध, शकटासुर वध, तृणावर्त वध तथा माखन चोरी लीला का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान अपनी बाल्यावस्था में भी असुरों का संहार कर धर्म की स्थापना करते हैं। पूतना जैसी राक्षसी, जो भगवान को विष पिलाने आई थी। उसे भी प्रभु ने मातृत्व का पद प्रदान कर दिया। इससे स्पष्ट होता है कि भगवान की शरण में आने वाला कोई भी जीव उनके अनुग्रह से वंचित नहीं रहता। कथा में यशोदा ...