नवादा, सितम्बर 6 -- उर्वरकों की कालाबाजारी, मनमानी कीमत और कृत्रिम किल्लत अब जिले के किसानों को नहीं झेलनी पड़ेगी। नवादा में खाद वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए एक बड़े डिजिटल बदलाव की तैयारी है। अब किसानों को यूरिया और डीएपी जैसी खाद खरीदने के लिए अपनी चेहरे की पहचान यानी फेस रिकग्निशन के जरिए सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। यह नई व्यवस्था आगामी 02 अक्टूबर से पूरे नवादा जिले में प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी। ​

खाद बिक्री की प्रक्रिया में बदलाव कृषि निदेशक द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के तहत, खाद बिक्री की पूरी प्रक्रिया को अब डिजिटल निगरानी में लाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बिचौलियों पर नकेल कसना, फर्जी खरीद को रोकना और जरूरतमंद किसानों तक निर्धारित दर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। ...