रांची, मई 4 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य का स्वास्थ्य महकमा तीन साल पहले यानी 2023 में ही झारखंड को कालाजार मुक्त प्रदेश की घोषणा कर चुका है। अभी उसका प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) होना बाकी है। लेकिन राज्य में कालाजार के मरीजों की संख्या में हुई वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। 2024 में राज्य में कालाजार के 159 मरीज मिले थे। 2025 में बढ़कर 186 हो गए। 2026 में अभी तक 32 मरीज मिल चुके हैं। वर्षवार बात करें तो कालाजार प्रभावित चार जिले दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में 2023 में कालाजार के 160 मरीज मिले थे। 2024 में 159 हुए और 2025 में यह बढ़कर 186 हो गए। इसी प्रकार पीकेडीएल (पोस्ट कालाजार डर्मल लेश्मेनिया) के मामले भी बढ़े हैं। वर्ष 2023 में इनकी संख्या 95 थी, जो 2024 में घटकर 43 पर आ गए, लेकिन 2025 में यह बढ़कर 149 पहुंच च...