गुड़गांव, मार्च 11 -- गुरुग्राम। जिला प्रशासन गुरुग्राम ने महिलाओं की कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। डीसी अजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिस भी सरकारी या निजी संस्थान में 10 या उससे अधिक कर्मचारी हैं, वहां आंतरिक समिति का गठन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने चेतावनी दी है कि अधिनियम के प्रावधानों के पालन में लापरवाही बरतने पर संस्थानों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। पहली बार अनियमितता पाए जाने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि कोई संस्थान बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है, तो जुर्माना दोगुना करने के...
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