कार्यशाला में विशेषज्ञों ने टिशू कल्चर के उपयोग व संभावनाओं पर डाला प्रकाश
रुडकी, अप्रैल 30 -- रुड़की, संवाददाता। कन्हैया लाल डीएवी कॉलेज में पादप ऊतक संवर्धन (प्लांट टिशू कल्चर) विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. एमपी सिंह ने किया। इसमें छात्रों को आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी तकनीक से बारे में बताया गया। प्रथम दिन प्रो. मंजुल धीमान ने पादप ऊतक संवर्धन के विभिन्न पहलुओं, इसकी आवश्यकता और उपयोगिता पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टिशू कल्चर तकनीक कृषि, बागवानी और औषधीय पौधों के उत्पादन में अहम भूमिका निभाती है। इसके माध्यम से कम समय में अधिक संख्या में गुणवत्तापूर्ण पौधे तैयार किए जा सकते हैं।
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