प्रयागराज, नवम्बर 12 -- स्वराज विद्यापीठ व समानांतर इलाहाबाद की ओर से आयोजित दस दिवसीय रंगमंच कार्यशाला के दूसरे दिन वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल रंजन भौमिक ने युवा कलाकारों को मानव की विकास परंपरा के बारे में बताया। साथ ही उसके विभिन्न चरणों को नाट्य दृष्टि से समझाया। कार्यशाला में अरूप मित्रा, प्रदीप पार्थिव, पूजा यादव, हर्ष व मनीष आदि मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.