कार्यशाला में ब्राह्मी लिपि के महत्व पर मंथन
नई दिल्ली, जून 5 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) और भारतीय विरासत संस्थान (आईआईएच), नोएडा की ओर से आयोजित ब्राह्मी लिपि पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 50 विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। समापन अवसर पर आईजीएनसीए के सदस्य सचिव एवं आईआईएच के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि ऐसी पहलें युवाओं को भारतीय इतिहास, संस्कृति और ज्ञान-परंपरा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रो. अनुपा पांडे ने ब्राह्मी लिपि के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
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