बेगुसराय, अप्रैल 28 -- बीहट,निज संवाददाता। बाल रंगमंच आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी, बीहट के बैनर तले चल रही नाट्य कार्यशाला में बाल कलाकार जहां इन दिनों एक ओर नाट्य विधा में हुनरमंद हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कार्यशाला बाल कलाकारों के लिए सपनों, उम्मीदों और संवेदनाओं की एक जीवंत दुनिया बन गई है। यहां हर दिन बाल कलाकार न केवल अभिनय की बारीकियों से अवगत हो रहे हैं बल्कि जीवन को समझने और महसूस करने की एक नई शुरुआत करने के टिप्स भी सीख रहे हैं। असम की रंगकर्मी स्वप्ना छेत्री जब अपने अनुभवों और कला के रंग से प्रतिभागियों को सिखाती हैं तो लगता है जैसे हर शब्द, हर भाव एक नई कहानी गढ़ रहा हो। यह भी पढ़ें- सरकारी स्कूल के बच्चों को मिली रंगमंच की ट्रेनिंग दो सत्रों में चल रही कार्यशाला में जहां एक ओर बाल कलाकार मासूमियत के साथ अभिनय के गुर सीख रहे हैं, ...