वाराणसी, फरवरी 4 -- वाराणसी। बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र में आयोजित अल्पकालिक पाठ्यक्रम-सह-कार्यशाला 'समग्र स्वास्थ्य हेतु आयुर्वेद' का मंगलवार को समापन हुआ। वक्ता प्रो. बृज किशोर द्विवेदी ने कहा कि आयुर्वेद केवल औषधि या उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली, मानसिक शांति, नैतिक आचरण एवं समग्र जीवन-दृष्टि का वैज्ञानिक आधार है। समन्वयक डॉ. गीता योगेश भट्ट रहीं। अमित पांडेय, ज्ञानेंद्र, जया, मलय ने भी आयुर्वेद की महत्ता बताई।
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