गोंडा, जून 22 -- बेलसर। संत कबीर अकादमी मगहर संस्कृति विभाग उप्र व श्री कबीर मठ तोधकपुर के संयुक्त तत्वाधान में निर्गुण स्वर कार्यशाला के पांचवें दिन सोमवार को भी कबीर के भजन गाए गए। सुभाष ने कबीर का प्रसिद्ध भजन मन न रंगाये, रंगाये जोगी कपड़ा की प्रस्तुति दी। मुख्य प्रशिक्षक महंत दुर्गेश दास ने कहा कि कबीर के साखी, शबद, रमैनी से आज के नए लोग से परिचित हो रहे हैं। लोगों की रुचि को देखकर के प्रसन्नता होती है कबीर ने समाज को एकता के प्रमुख सूत्र में रोने का काम किया है। यह भी पढ़ें- कबीर का 629वां प्राकट्य महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच शंकरपुर में संपन्न यह भी पढ़ें- संत कबीर के पदों और साखी का गायन किया

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