नई दिल्ली, फरवरी 5 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कुछ राज्यों में कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के चलन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि इस प्रथा पर रोक लगनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कई राज्य सरकारों द्वारा डीजीपी की नियुक्ति के लिए संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) को प्रस्ताव भेजने में देरी पर संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि राज्यों को डीजीपी की नियुक्ति के लिए यूपीएससी को प्रस्ताव भेजने में देरी नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने यूपीएससी को डीजीपी की नियुक्ति प्रस्ताव भेजने के लिए राज्यों को रिमाइंडर भेजने का अधिकार दिया। पीठ ने साफ कहा कि यदि रिमाइंडर भेजने के बाद भी कोई राज्य प्रस्ताव नहीं भेजता है तो यूपीएससी ऐसे राज्यों के खिलाफ...
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