शाहजहांपुर, जनवरी 2 -- शाहजहांपुर, वरिष्ठ संवाददाता। पुवायां में गैस गीजर से छात्र की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा है। नववर्ष के पहले दिन परिजनों की खुशियां मातम में बदल गई। आईएमए के सचिव डॉ. संजीव कनौजिया ने बताया कि गैस गीजर जलने के लिए हमेशा ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा की जरूरत होती है। बंद बाथरूम या हवादार जगह में ऑक्सीजन तेजी से खत्म हो जाती है। जब ऑक्सीजन पर्याप्त नहीं रहती, तो गैस पूरी तरह जलती नहीं और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का निर्माण होता है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए व्यक्ति को खतरे का अहसास नहीं होता। सांस के साथ सीओ गैस शरीर में पहुंचकर खून में ऑक्सीजन का परिवहन रोक देती है, जिससे चक्कर, घबराहट और बेहोशी होती है। कुछ ही मिनटों में यदि व्यक्ति बाहर नहीं निकाला गया, तो दम घुटने से मौत हो सकती है। डॉ. कनौजिया ने ...