प्रयागराज, फरवरी 28 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। अब यदि किसी कर्मचारी के घर नवजात शिशु का जन्म होता है और उसका यूएमआईडी कार्ड (उम्मीद कार्ड यानी विशिष्ट चिकित्सा पहचान कार्ड) नहीं बना है, तब भी उसे रेलवे अस्पताल में इलाज से वंचित नहीं किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने मानवीय पहल करते हुए यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिससे परिवारों को सबसे कठिन समय में परेशानी न उठानी पड़े। अक्सर देखा जाता था कि बच्चे के जन्म के बाद यूएमआईडी कार्ड बनने में कुछ समय लग जाता है। इसी दौरान यदि बच्चे को इलाज की जरूरत पड़ जाए तो औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण दिक्कत आ जाती थी। इस समस्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने साफ कहा है कि माता-पिता के मेडिकल कार्ड या जन्म संबंधी प्रमाण के आधार पर नवजात को तुरंत इलाज दिया ...
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