प्रमुख संवाददाता, सितम्बर 25 -- इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिस पत्नी को सुब्रत ने पिता की हत्या में फंसा दिया, उसने पति को बचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। उसने पुलिस से मिन्नतें कीं-'मेरे पति को छोड़ दो...उन्हें घर जाने दो...मुझे जेल भेज दो'। शालू की इन बातों को लेकर सुब्रत भी फफक पड़ा और अपना गुनाह कबूल कर लिया। कानपुर के कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या करवाने वाले बेटे सुब्रत ने ही पत्नी शालू को हत्याकांड में फंसाया था। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के मुताबिक यह वाक्या तब हुआ जब पूछताछ का चौथा राउंड चल रहा था। सुब्र्रत अपने पिता विनीत मिनोचा की हत्या की साजिश रचने की बात कुबूलने को तैयार नहीं था। पुलिस के पास डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ गवाह भी मौजूद थे। तमाम प्रयासों और सवालों से घिरने के बाद भी वह टस से मस नहीं हो रहा था। पूछता...