कारों में ट्रिपल स्क्रीन का सिस्टम फेल, सिर्फ 6% लोग ड्राइव पर पैसेंजर डिस्प्ले यूज कर रहे; 35% ने हाथ भी नहीं लगाया
नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- अब कार में लग्जरी इंटीरियर देने के लिए कई कंपनियां डैशबोर्ड को काफी भरने का काम कर रही हैं। खासकर, डैशबोर्ड पर अब मल्टीपल स्क्रीन लगाना आम बात होती जा रही है। हालांकि, ये जरूरी नहीं है ग्राहक इसकी मांग कर रहे हों। दरअसल, लेटेस्ट जेडी पावर 2026 यूएस टेक एक्सपीरियंस इंडेक्स (TXI) की स्टडी से पता चलता है कि बैकग्राउंड में चुपचाप काम करने वाली सिंपल टेक्नोलॉजी अक्सर एक्सट्रा डिस्प्ले और कॉम्पलैक्स सिस्टम की तुलना में ज्यादा ओनर्स को संतुष्टि देती हैं। कारों में बड़े पैसेंजर डिस्प्ले अब आम हो गए हैं, खासकर प्रीमियम व्हीकल में इसका जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। कई नई जनरेशन की कारें अब तीन-स्क्रीन डैशबोर्ड देती हैं जिसमें एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, सेंट्रल इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन और सामने वाले यात्री के लिए एक अलग डिस...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.