बुलंदशहर, अप्रैल 29 -- जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन, संस्थागत प्रसव बढ़ाने में लापरवाही बरतने वाली 25 आशाओं की सेवा समाप्त कर दी गई है। वहीं, 50 अन्य आशाओं को चेतावनी नोटिस थमाते हुए जवाब तलब किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समीक्षा बैठक की गई। जिले में संस्थागत प्रसव का लक्ष्य 56 हजार निर्धारित किया गया था, लेकिन सरकारी अस्पतालों में 33 हजार प्रसव ही दर्ज हुए। इसके उलट एक लाख से अधिक प्रसूताओं ने निजी अस्पतालों में प्रसव कराया। अधिकारियों का मानना है कि आशाओं ने गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में लाने के बजाय निजी केंद्रों की ओर मोड़ने या अपने कर्तव्यों में ढिलाई बरतने का काम किया। इसको लेकर बुलंदशहर, जहांगीराबाद, अरनियाँ, तौली और खुर्जा...
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