वाराणसी, मई 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काम पर विजय प्राप्त करना ही रासलीला है। इसकी कथा का श्रवण ब्रह्मा, शंकर और राजा परीक्षित करते हैं। राजा परीक्षित को पता है कि उन्हें मरना है। इसके बाद भी वह मृत्यु का भय भूलकर रासलीला का आनंद लेते हैं। श्रीधाम वृंदावन के भागवत मर्मज्ञ डॉ. संजय कृष्ण 'सलिल' ने यें बातें गुरुवार को श्रीमद्भागवत कथा में कहीं। रथयात्रा स्थित कन्हैयालाल गुप्ता स्मृति भवन में भागवत कथा के छठवें दिन उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गिरिराज को सात दिन और सात रात अंगुली पर उठाए रखा। इंद्र ने देखा कि ब्रज में एक बूंद पानी नहीं गिरा तो उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने गिरिराज भगवान की पूजा की। डॉ. सलिल ने कंस वध की भी चर्चा की। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने क्रूर शासक कंस का वध कर अपने नाना को मुक्त कराया। उन्हें मथुरा...