कानपुर, मई 12 -- कानपुर। सराफा बाजार की सुस्ती अब दुकानों से निकलकर उन कारीगरों तक पहुंचने लगी है, जिनके हाथों की महीन कला से गहनों को पहचान मिलती है। सोने की मांग और कमजोर हुई तो सबसे बड़ा संकट कारीगरों, पॉलिशिंग वर्करों, डिजाइनरों और कास्टिंग यूनिटों पर आएगा। तीन पीढ़ियों से कानपुर में जेवरों को तैयार करने वाले कोलकाता के कारीगर रफीक बताते हैं कि महीनों से बड़ा काम नहीं मिला है। पहले सहालग सीजन से कई महीने पहले तक ऑर्डर बुक हो जाते थे, लेकिन इस बार माहौल बदला हुआ। लगातार काम नहीं मिलने पर घर चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे ही आगे भी रहा तो दूसरे रोजगार की तलाश करनी पड़ेगी। यह भी पढ़ें- पीएम के सोना न खरीदने की अपील से सराफा व्यवसाय होगा बर्बाद वहीं कारोबारी संजय वर्मा कहते हैं कि शहर में पहले से ही अच्छे कारीगरों की कमी है, अब काम न मिलने ...