उन्नाव, मार्च 24 -- उन्नाव। संवाददाता इजराइल-ईरान के बीच चल रहा युद्ध लगातार बढ़ता ही जा रहा है। युद्ध से चमड़ा, केमिकल, कपड़ा, प्लास्टिक उद्योग पर गहरा संकट छाया है। प्लास्टिक से जुड़ा हर कच्चा माल महंगा होने से इससे जुड़ी हर चीज महंगी हो गई है। आयात वस्तुओं के दाम बढ़ने से स्थितियां बिगड़ रही हैं। इकाइयों का भुगतान भी रुकने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि अब चमड़ा उद्योग का उत्पादन 45 प्रतिशत पर सिमट गया है। यही वजह है कि मजदूरों की छुट्टी करने की मजबूरी आन पड़ी है। अब इस छटनी का असर रोज खाने कमाने वाला पर पड़ने लगा है। सप्ताहवार पगार पाने वालों के घर खाने के लाले पड़ने लगे हैं।असल मे फरवरी से मई तक का समय औद्योगिक इकाइयों के लिए सबसे ज्यादा अहम होता है। फरवरी या मार्च में होली पड़ती है। इसी महीने या अगले महीने ईद मनाई जाती है। वित्तीय व...
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