रायपुर, दिसम्बर 11 -- पिछले महीने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ट्रेन हादसा हुआ। इस हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, मेमू ट्रेन नंबर 68733 का लोको पायलट काम करने के लिए फिट नहीं था। जांच में पाया गया है कि महीनों पहले हुए एक एप्टीट्यूड टेस्ट में लोको पायलट फेल हो गया था, फिर भी उसे एक्टिव ट्रेन ड्यूटी पर तैनात रखा गया था। नवंबर महीने में हुए इस हादसे में कुल 12 लोगों की मौत हो गई थी और 19 लोग घायल हुए थे। 'न्यूज 18' की रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा ट्रेन चलाने में गलती का नतीजा था। रिपोर्ट के अनुसार, सिग्नलिंग, ट्रैक और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में किसी तरह की कोई खराबी नहीं थी। यह हादसा लोको पायलट की गलती से हुए था। सीआरएस की जांच में बताया गया है कि, जिस मेमू का लोको पायलट विद्यास...
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