कामिका एकादशी व्रत कथा:जिसने यह एकादशी व्रत कथा पढ़ी, उसे मिलता है वाजपेय यज्ञ का फल
नई दिल्ली, अगस्त 8 -- सावन मास में कामिका एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस साल कामिका एकादशी का पर्व 9 अगस्त को रखा जा रहा है। इस एकादशी का बहुत अधिक महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन जो व्रत करता है उसके स्मरण मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। उस दिन श्रीधर, हरि, विष्णु, माधव और मधुसूदन आदि नामों से भगवान्का पूजन किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान् श्रीकृष्णके पूजनसे जो फल मिलता है, वह गंगा, काशी, नैमिषारण्य तथा पुष्कर क्षेत्र में भी जाने से भी कई गुना अधिक है।कथा इस प्रकार युधिष्ठिर ने पूछा-मधुसूदन, सावन में कृष्णपक्ष में किस नाम की एकादशी होती है ?भगवान् श्रीकृष्ण बोले-युधिष्ठिर ने पूछा-गोविन्द, आपको नमस्कार है ! श्रावण के कृष्णपक्ष में कामिका एकादशी का व्रत किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यह एक पापनाशक एकादशी है। इसका महात्मय प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.