गढ़वा, जुलाई 19 -- गढ़वा। कामरेड अनवर झंकार के आकस्मिक निधन पर भाकपा माले ने गहरा शोक जताया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह पिछले 25 वर्षों से पलामू प्रमंडल में सांस्कृतिक मोर्चे पर जनता के मुखर आवाज थे। आज के दौर में सांप्रदायिक फासीवादी हमले बढ़े हैं। कामरेड झंकार की कमी लंबे समय तक खलती रहेगी। पिछले 5 जून को रामपुर सिकंदर चौधरी हत्या गोलीकांड के विरुद्ध आयोजित जन संकल्प सभा में उनकी गीतों की खनकती आवाज भुलाए नहीं भूलेगी। बिहार-झारखंड में पार्टी के महत्वपूर्ण अभियानों और कार्य कर्मों में अपने गीत और जुझारूपन से जनता की आंदोलन को लगातार हौसला बढ़ाते रहे। उनके निधन से न सिर्फ पार्टी बल्कि तमाम गरीब गुरबो की आंदोलन को अपूर्णीय क्षति हुई है। उनकी अंतिम विदाई में जिला सचिव कामरेड कालीचरण मेहता, गढ़वा जिला के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष कामरेड ...