विधि संवाददाता, मार्च 18 -- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में सांसदों और विधायकों के खिलाफ विशेष अदालतों में चल रहे आपराधिक मुकदमों के ट्रायल की प्रभावी मॉनीटरिंग के लिए पारदर्शी तंत्र का उचित पोर्टल तैयार करने के लिए हर कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि काफी समय बीत चुका है इसलिए अब और देर न की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने एमपी-एमएलए विशेष अदालतों को लेकर स्वत: कायम जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुधीर मेहरोत्रा ने इस मामले में समय मांगा। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए तीन अप्रैल नियत की है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और कार्यकारी शासकीय अधिवक्ता पतंजलि मिश्र ने बताया कि अब किसी का केस वापस लेने का मामला नहीं है। अपर महाधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने प...
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