कापी पर उभरे अक्षर, चेहरे पर खिली मुस्कान
उन्नाव, सितम्बर 9 -- उन्नाव। कापी सामने है, हाथ में पेंसिल और नजरें अक्षरों पर टिकी हैं। कुछ पल की कोशिश के बाद कापी पर उभरा सुदेवी। अपना नाम लिखते ही चेहरे पर मुस्कान तैर गई। यह मुस्कान सिर्फ कुछ अक्षर लिख लेने की नहीं, बल्कि वर्षों की निरक्षरता को पीछे छोड़ने की थी। छोटी रनियामऊ के कंपोजिट विद्यालय में रसोईया सुदेवी के जीवन में यह बदलाव शिक्षक अमित तिवारी की पहल से आया। सुदेवी ने जीवन का बड़ा हिस्सा बिना पढ़े-लिखे बिताया। उम्र के इस पड़ाव पर कापी-पेंसिल थामना उनके लिए आसान नहीं था। अक्षरों की पहचान में परेशानी होती और झिझक कदम रोकती थी। यह भी पढ़ें- अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन अमित तिवारी ने उनकी झिझक दूर की और नियमित रूप से पढ़ाने की शुरुआत की। पहले अक्षरों की पहचान कराई गई। इसके बाद उन्हें लिखने और छोटे-छोट...
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