वाराणसी, मई 5 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। अस्थमा के रोगियों को कर्णवेधन (कान छेदन) के साथ सौवर्चलादि चूर्ण के सेवन से बहुत राहत मिली है। इस पद्धति से आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के काय चिकित्सा विभाग में अस्थमा के 60 मरीजों पर तीन महीने ट्रॉयल हुआ। इसमें 45 फीसदी मरीजों में काफी सुधार दिखा है। उनके फेफड़ों की क्षमता सुधरी है। ट्रायल परिणामों के अनुसार फेफड़ों की कार्यक्षमता से जुड़े प्रमुख पैरामीटर- एफवीसी (फोर्सड वाइटल कैपेसिटी), एफईवी-1 (फोर्सड एक्सिपरेटरी वॉल्यूम) और पीईएफआर (पीक एक्सपिरेटरी फ्लो रेट) में सभी समूहों में बेहतर सुधार हुआ। उनमें खांसी, सांस फूलने, सीटी जैसी आवाज और नाक बहने जैसे लक्षणों में भी कमी दर्ज की गई। यह भी पढ़ें- जिला अस्पताल में चेस्ट रोग विशेषज्ञ नहीं, मरीज परेशान शोध का विवरण यह खुलासा काय चिकित्सा विभ...
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