कान्हा जी की छठी में क्या-क्या होता है? कितने बजे के बाद होती है पूजा
नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 4 दिसंबर को धूमधाम से मनाया गया है। इस खास दिन से पूरे 6 दिन बाद ही कान्हा जी की छठी मनाई जाती है। जिस तरह से एक बच्चे के जन्म के बाद घर में छठी की धूम मचती है। ठीक इसी तरह कान्हा जी की छठी भी मनाई जाती है। इस खास दिन पर कान्हा जी को एक छोटे बच्चे की तरह ही लाड-प्यार से तैयार किया जाता है और उनको पूजा जाता है। जन्माष्टमी से गिने तो कान्हा जी की छठी आज यानी 9 सितंबर को ही है। वहीं कुछ लोग कल यानीू 10 सितंबर को भी छठी करेंगे। तो चलिए जानते हैं कि छटी के लिए क्या-क्या करना है और किस तरह से कान्हा जी को भोग लगाना है?छठी पर ऐसे करवाएं स्नान आज कान्हा जी की छठी है तो सबसे पहले मंदिर की साफ-सफाई कर लें। बता दें लड्डू गोपाल की पूजा शाम को 4 बजे के बाद करें। इसे शुभ मानते हैं। नियम के अनुसार प्र...
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